Feelings Archives | Page 2 of 4 | Asitav Sen

Category: Feelings

Patna

ख्वाब

          आज फिर चाहत की पतंग उड़ने को जी चाहता है, खुली हवा में सांस लेने का ज़िर्क जो किया किसी ने, अँधेरी राहों से गुज़रते हुए, सूरज की लहराई हुई रौशनी को छूने कॊ दिल करता है| लहराता चलूँ ख्वाब के पंखों को, नील सी आसमान के बीच मुस्कराती हुई रुई […]

Continue reading

বোঝে না

আমি জানি, আমি বুঝি, এটুকু পথ ই, চলার ছিল, এটুকু গল্প হওয়ার ছিল| তবু মন তো আর বোঝে না, তাই এড়িয়ে চলার ভাবনা, এসেও, হারিয়ে যাওয়ার ছিল| তুমি, আকাশছোয়া স্বপ্ন নিয়ে থাক , আমি থাকি মাটির ধারে , তুমি, হারিয়ে যাও মানব নির্মিত প্রকৃতি তে, আমি হারিয়ে যাই মানুষ, মুখোশ আর হাসি তে| স্বাধীনতার মানে […]

Continue reading