All posts in Poems

We

And when in the middle of the solitary night, He heard those cries of mouth Unable to feed the stomach He cried. And when he heard those laughter, Ignorant of the cries, When he heard those sugar coated concern Some fake, some foolish, He cried. He took vows, he dreamt a dream unforeseen. Woke up […]

मंजिल

कश्मकश कुछ कम नहीं की थी किसी ने, मंजिल की तलाश में । पैरों पे खड़े तो हो गए हैं दुनिया कहती है, ये दिल जानता की कितना झुकना पड़ गया ।

ग़ुलामी

नमी सी दिख तो रही है आँखों में , पर रोने के लिए शायद वक़्त ही नहीं । ग़ुलामी का दौर सदियों से चल रहा है, अब तो आदत सी हो गयी है ।

অপেক্ষা

এ অপেক্ষার শেষ নেই, ভালবাসা টুকু শুধু আছে, আশা টাও তাই, এ অপেক্ষার কোনো শেষ নেই|

ख्वाब

Udaaan

          आज फिर चाहत की पतंग उड़ने को जी चाहता है, खुली हवा में सांस लेने का ज़िर्क जो किया किसी ने, अँधेरी राहों से गुज़रते हुए, सूरज की लहराई हुई रौशनी को छूने तो दिल करता है| लहराता चलूँ ख्वाब के पंखों को, नील सी आसमान के बीच मुस्कराती हुई रुई […]

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