September 2012 | Asitav Sen

Month: September 2012

Patna

ख्वाब

          आज फिर चाहत की पतंग उड़ने को जी चाहता है, खुली हवा में सांस लेने का ज़िर्क जो किया किसी ने, अँधेरी राहों से गुज़रते हुए, सूरज की लहराई हुई रौशनी को छूने कॊ दिल करता है| लहराता चलूँ ख्वाब के पंखों को, नील सी आसमान के बीच मुस्कराती हुई रुई […]

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