ग़ुलामी | Asitav Sen
Natt, Gypsies of India

ग़ुलामी

नमी सी दिख तो रही है आँखों में ,
पर रोने के लिए शायद वक़्त ही नहीं ।
ग़ुलामी का दौर सदियों से चल रहा है,
अब तो आदत सी हो गयी है ।

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